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मिर्ज़ा_गुलाम_अहमद

मसीह मौऊद

हज़रत मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद साहब कादियानी इमाम महदी व मसीह मौऊद अलैहिस्सलाम।

सूर्य और चन्द्र ग्रहण का वृतांत

इस लेख में हम आंहज़रत सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की एक महान भविष्यवाणी का वर्णन करेंगे जो सत्याभिलाषियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

मिर्ज़ा मसरूर अहमद

हज़रत मिर्ज़ा मसरूर अहमद

हज़रत मिर्ज़ा मसरूर अहमद विश्वव्यापी अहमदिया मुस्लिम जमाअत के पांचवें खलीफा और इमाम।

ख़िलाफ़त-ए-अहमदिया

ख़लीफ़ा नबी का उत्तराधिकारी होता है जिस का कार्य नबी के द्वारा किए गए सुधार को पूर्णता की ओर ले जाना है।

अहमदिया मुस्लिम जमाअत

अहमदिया मुस्लिम जमाअत का संक्षिप्त परिचय। मुसलामन जो मसीह पर ईमान रखते हैं।

जलसा सालाना क़ादियान

अहमदिया मुस्लिम जमाअत का सालाना जलसा जिसका आरंभ हज़रत मसीह मौऊद अलैहिस्सलाम ने किया था।

क़ादियान

अहमदिया मुस्लिम जमाअत के लिए आध्यात्मिक जन्म और भाईचारे का एक पवित्र स्थान।

मानवता की सेवा

अहमदिया मुस्लिम जमाअत दुनिया भर में सार्वजनिक कल्याण के कार्यों में बढ़-चढ़ कर भाग लेती है।

पुस्तकें

हिंदी, तामिल, मलयालम, कन्नड़, उर्दू समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं में अहमदिया मुस्लिम समुदाय की पुस्तकें।

हमारे कार्यक्रम

भारत में अहमदिया मुस्लिम समुदाय के विभिन्न कार्यक्रम। पीस सिम्पोज़ियम, बुक फेयर, प्रदर्शनियां, जलसा सालाना क़ादियान।

अहमदिया मुस्लिम समुदाय का सिद्धांत

प्रेम सबके लिए और घृणा किसी से नहीं

अहमदियत इस्लाम में एक नवीन तहरीक है जो कि शांति, प्रेम, न्याय और मानवीय जीवन की बहबूदी के बारे में उन महत्वपूर्ण इस्लामी शिक्षाओं पर ज़ोर देती है जो कि 1889 ई० में हज़रत मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद साहब मसीह मौऊद अलैहिस्सलाम ने ख़ुदा के मार्गदर्शन के अनुसार कीं  थीं। 

अहमदिया मुस्लिम जमाअत सार्वजनिक कल्याण के कार्यों में बढ़-चढ़ कर भाग लेती है। “प्रेम सबके लिए और घृणा किसी से नहीं” जैसी शिक्षा से भरी हुई बिना किसी भेद-भाव के हर ज़रूरतमंद को सहायता देती है। आज जमाअत एक ख़ुदाई मार्गदर्शक के अनुसरण में है जोकि हज़रत मिर्ज़ा मसरूर अहमद अय्यदहुल्लाहु तआला बिनस्रिहिल अज़ीज़ हैं।

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पवित्र कुरान के अनुवाद
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स्कूल

हमारे कार्यक्रम

पीस सिम्पोज़ियम

पीस सिंपोज़ियम विश्वव्यापी अहमदिया मुस्लिम जमाअत का एक प्रसिद्ध आयोजन है।

सेमीनार और कांफ्रेंस

हमारे सेमिनारों और प्रदर्शनियों में सहिष्णुता, सद्भावना और सच्चे भाईचारे की भावना प्रदर्शित होती है।

जलसा सालाना

भारत में अहमदिया मुस्लिम जमाअत का वार्षिक सम्मेलन जिसका आरंभ हज़रत मसीह मौऊद ने किया।

बुक फ़ेयर और प्रदर्शनी

अहमदिया मुस्लिम जमाअत प्रत्येक वर्ष विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय बुक फ़्येरस में भाग लेती है।

विश्व संकट तथा शांतिपथ

हज़रत मिर्ज़ा मसरूर अहमद विश्वव्यापी अहमदिया मुस्लिम जमाअत के पंचम ख़लीफ़ा के पत्रों एवं भाषणों का संकलन

संसार अत्यन्त अशान्तिपूर्ण परिस्थितियों में से गुज़र रहा है। वश्विैक आर्थिक संकट प्रति सप्‍ताह निरन्तर नवीनतम और गम्‍भीर विपत्तियां उत्पन्‍न करता जा रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध से पूर्व की परिस्थितियों में समानता का निरन्तर वर्णन किया जा रहा है और स्पष्ट रूप से प्रतीत होता है कि वर्तमान घटनाएं विश्व को एक अत्यन्त तीव्र गति से एक भयंकर तृतीय विश्व युद्ध की ओर ले जा रही हैं। इस पुस्तक में, हज़रत मिर्ज़ा मसरूर अहमद विश्वव्यापी अहमदिया मुस्लिम जमाअत के पंचम ख़लीफ़ा दुनिया को तेज़ी से बढ़ रहे खतरों की चेतावनी देते हैं और इसे टाल कर शांति स्थापित करने का तरीका बताते हैं। अधिक पढ़ें…

लेख

इस्लामिक शिक्षा

श्री कृष्ण जी महाराज हिन्द के अवतार: इस्लामी शिक्षा के दर्पण में

राजा श्री कृष्ण जी महाराज वास्तव में एक ऐसे पूर्ण व्यक्ति थे जिनका उदाहरण हिंदुओं के किसी ऋषि और अवतार में नहीं पाया जाता। वह अपने समय केअवतार अर्थात नबी थे जिन पर ख़ुदा की ओर से रूहुल क़ुदुस (पवित्र  आत्मा) उतरती थी। वह ख़ुदा की ओर से विजय प्राप्त और भाग्यशाली थे।

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ज्ञान के मोती

महिलाओं को गुलामी से मुक्त कराने वाला नबी (सलल्लाहो अलैहे वसल्लम)

पश्चिमी दुनिया नारी स्वतंत्रता की अग्रदूत मानी जाती है। परन्तु क्या इतिहास में कोई ऐसी महान विभूति भी गुज़री है जिसने महिलाओं को उनके अधिकार इस प्रकार दिलाए हों कि वह आज भी सभ्य से सभ्य क़ौम तथा राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक हैं?

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इस्लामिक शिक्षा

शहादत हज़रत इमाम हुसैन

हर साल मुहर्रम महीने के पहले दस दिन दुनिया भर के मुसलमान इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में दुःख प्रकट करते है। 1400 साल पहले गुज़री इस घटना में जान देने वालों में अक्सर मुहम्मद (स अ व) के रिश्तेदार थे।

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इस्लामिक शिक्षा

विरोध करने वालों के साथ हज़रत मुहम्मद (स. अ. व.) का सद व्यवहार

अतः जब मक्का वालों के मुख से इस बात की पुष्टि हो गई कि रसूले करीम स.अ.व यूसुफ़ के प्रारूप थे तथा यूसुफ़ के समान अल्लाह तआला ने उन्हें अपने भाइयों पर विजय प्रदान की थी उसके बाद नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जो फैसला सुनाया उसका उदाहरण न इतिहास प्रस्तुत कर सकता है न वर्तमान और भविष्य भी ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करने में सदैव अस्मर्थ रहेगा।

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इस्लामिक शिक्षा

इस्लाम और देश प्रेम

स्वाधीनता दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों का हार्दिक अभिनंदन। आज से तकरीबन 74 साल पहले जिन स्वाधीनता संग्रामीओं ने हमारे देश को आज़ादी दिलाई थी उनको हज़ारों सलाम।

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polygamy
इस्लाम

बहुविवाह – प्रथम भाग

नबी करीम स.अ.व के विवाहों की  बुद्धिमत्ता (हिकमत) प्राच्यवादियों की कुछ आपत्तियों तथा उनके उत्तर JULY 31, 2021 लेख का स्रोत हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बहुत से विवाह राष्ट्रीय व राजनैतिक कारणों से

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