लज्ना इमाईल्लाह बेंगलुरु ने ‘पूर्ण न्याय से शांति’ विषय पर सर्वधर्म शांति सम्मेलन का किया आयोजन

रोमाना सैगल, जनरल सेक्रेटरी, लज्ना इमाईल्लाह, बेंगलुरु

अहमदिया मुस्लिम जमाअत के महिला संगठन लज्ना इमाईल्लाह की बेंगलुरु इकाई द्वारा 23 अगस्त 2026 को कैनोपी बैंक्वेट हॉल में “पूर्ण न्याय से शांति” (Peace through Absolute Justice) विषय पर एक भव्य सर्वधर्म शांति सम्मेलन का आयोजन किया गया। जमाअत के मूल सिद्धांत “मोहब्बत सब के लिए, नफ़रत किसी से नहीं” के तहत आयोजित इस सम्मेलन में 42 विशिष्ट अतिथियों सहित 160 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत फ़ाइज़ा सबा साहिबा द्वारा पवित्र क़ुरआन के पाठ (तिलावत) से हुई। इसके बाद हाजिरा शिरीन साहिबा ने उर्दू और फ़रहत वाजिद ख़ान साहिबा ने अंग्रेज़ी में इसका अनुवाद प्रस्तुत किया। तदुपरांत, लज्ना इमाईल्लाह बेंगलुरु की सदर (अध्यक्ष) मुनव्वरा जवाज़ साहिबा ने स्वागत भाषण दिया और सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता एवं कर्नाटक राज्य वक़्फ़ बोर्ड की कानूनी सलाहकार श्रीमती शीतल सोनी और वरिष्ठ अधिवक्ता, मध्यस्थ व प्रशिक्षक श्रीमती एस. आर. अनुराधा प्रदीप उपस्थित रहीं। दोनों मुख्य अतिथियों ने सभा को संबोधित करते हुए समाज में शांति और न्याय की आवश्यकता पर बल दिया।

अंतरधार्मिक संवाद और आपसी सौहार्द की भावना को सुदृढ़ करते हुए हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख, ईसाई धर्म, ब्रह्माकुमारीज़ और इस्लाम के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने अपने-अपने दृष्टिकोण से शांति, सह-अस्तित्व और सामाजिक सद्भाव के महत्व पर प्रकाश डाला।

मुख्य वक्तव्य यासमीन समीउल्लाह साहिबा ने “इस्लाम और न्याय” विषय पर दिया। उन्होंने समाज में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए न्याय की अपरिहार्य भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने इस्लामी न्याय के उच्च आदर्शों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि इस्लाम मतभेदों और विरोधियों के साथ व्यवहार में भी निष्पक्षता, समता और न्याय बरतने का निर्देश देता है। इसके अतिरिक्त, नसीमा नासिर साहिबा ने कन्नड़ भाषा में व्याख्यान देते हुए समाज में शांति और भाईचारे की आधारशिला के रूप में इस्लामी न्याय प्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला।

सम्मेलन में कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से डॉ. पद्मावती एन., डॉ. रुख़साना हसन, डॉ. अनुसूया धनपाल, डॉ. फ़रीदा रहमतुल्लाह ख़ान, डॉ. सुधा, श्रीमती सबीहा जहाँ, श्रीमती प्रभावती, श्रीमती गुरुविंदर कौर, श्रीमती हलीमा सादिया और श्रीमती सबाहत सुल्ताना शामिल रहीं।

कार्यक्रम के दौरान विश्व स्तर पर अहमदिया मुस्लिम जमाअत द्वारा किए जा रहे शांति प्रयासों और मानवीय सेवाओं पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।

सम्मेलन स्थल पर एक पवित्र क़ुरआन प्रदर्शनी और पुस्तक स्टॉल भी लगाया गया था। यहाँ आगंतुकों को पवित्र क़ुरआन की सार्वभौमिक शिक्षाओं को जानने और इस्लाम, शांति व न्याय से संबंधित अहमदिया साहित्य को देखने-समझने का अवसर मिला।

यह सर्वधर्म सम्मेलन समाज में शांति, न्याय, आपसी समझ और इस्लाम की शांतिपूर्ण शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक सार्थक मंच साबित हुआ। इसने विभिन्न धर्मों और पृष्ठभूमि के लोगों को संवाद, सम्मान और सौहार्द की भावना के साथ एक मंच पर लाने का कार्य किया।

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