देश के प्रति प्यार और वफादारी हर मुसलमान के ईमान का हिस्सा है।
सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई।
आजादी के विशेष अवसर पर अहमदिया मुस्लिम जमात इंडिया की ओर से सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। इस पावन अवसर पर हम उन सभी देशभक्तों को याद करते हैं जिन्होंने भारत की आज़ादी के अभियान में भाग लिया और उनके बलिदानों को बहुत ही क़द्र की निगाह से देखते हैं, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देते हुए हमारी पीढ़ियों को आजादी के माहौल में सांस लेने का अवसर दिया।
भारत एक लोकतांत्रिक देश है। इस देश का प्रत्येक नागरिक इस देश के विकास में समान रूप से भाग लेता है। स्वतंत्रता दिवस का यह अवसर हमें याद दिलाता है कि अपने देश तथा उसके लोगों के प्रति हमारे कुछ अधिकार हैं। अहमदिया मुस्लिम जमात के संस्थापक, हज़रत मिर्ज़ा गुलाम अहमद क़ादियानी अलैहिस्सलाम, अपने देशवासियों को आपसी सहानुभूति के बारे में नसीहत करते हुए कहते हैं कि:
“हे मेरे देशवासियो! वह धर्म, धर्म नहीं है जिसमें सार्वजनिक हमदर्दी की शिक्षा न हो और न वह इन्सान-इन्सान है जिसमें हमदर्दी की भावना न हो। हमारे ख़ुदा ने किसी क़ौम से भेदभाव नहीं किया। उदाहरणतया जो-जो मानवीय शक्तियाँ एवं ताकतें आर्यवर्त की प्राचीन क़ौमों को दी गई हैं वही समस्त शक्तियाँ अरबों, फ़ारसियों, शामियों, चीनियों, जापानियों, यूरोप तथा अमरीका की क़ौमों को भी दी गई हैं। …अत: ये ख़ुदाई व्यवहार हमें सीख देते हैं कि हम भी अपनी मानवजाति से प्रेम और सहानुभूति का व्यवहार करें और तंग दिल तथा संकीर्ण विचार न बनें।”
[पैग़ाम-ए-सुलह]
अहमदिया जमात के पाँचवे खलीफ़ा हज़रत मिर्ज़ा मसरूर अहमद साहिब देश प्रेम के बारे मे फरमाते हैं
“हजरत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैहि व सल्लम ने हमें यह सिखाया है कि , ‘देश से प्यार ईमान (आस्था ) का एक हिस्सा है’। इसलिए, इस्लाम अपने प्रत्येक अनुयायी से सच्ची देशभक्ति की मांग करता है। खुदा और इस्लाम से सच्चा प्रेम करने के लिए किसी भी व्यक्ति के लिए यह अनिवार्य है कि वह अपने देश से प्रेम करे। तो यह बिल्कुल स्पष्ट है कि किसी व्यक्ति के खुदा से प्रेम और देश प्रेम के बीच कोई टकराव नहीं हो सकता। चूंकि देश प्रेम को इस्लाम का हिस्सा बना दिया गया है, इसलिए यह स्पष्ट है कि एक मुसलमान को अपने देश के प्रति वफादारी के उच्च मानकों को प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि यह खुदा से मिलने और उसका सानिध्य प्राप्त करने का एक साधन है। इसलिए, यह असंभव है कि एक सच्चे मुसलमान का खुदा से प्रेम, उसके देश के प्रति सच्चे प्रेम तथा वफादारी के बीच कभी रुकावट बन सके।“
[विश्व संकट तथा शांतिपथ]
इस्लाम देश के कानूनों का पालन तथा सम्मान करने का आदेश देता है और किसी भी देश के निवासी को यह सलाह देता है कि वह प्रत्येक ऐसे कार्य से बचता रहे जो अनैतिक, अवांछनीय और विद्रोह का कोई रूप अपने अंदर रखता हो।
क़ादियान में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जमाअत-ए-अहमदिया के शैक्षणिक संस्थानों में पारंपरिक रूप से स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इसी प्रकार इस अवसर पर जमाअत-ए-अहमदिया क़ादियान के युवाओं के संगठन ख़ुद्दामुल-अहमदिया की ओर से रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया।
अहमदिया मुस्लिम जमात भारत इस अवसर पर अपने सभी देशवासियों को यह संदेश देती है कि भारत के प्रत्येक नागरिक को देश की शांति, उसके विकास और उसके कल्याण के लिए अपनी सकारात्मक और प्रमुख भूमिका निभाने का प्रयास करना चाहिए और इसके साथ ही स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ दिन, ज़ात-पात, ऊंच-नीच, अमीर और गरीब, और हिंदू मुस्लिम, सिख ईसाई जैसी खाइयों को पाटते हुए मानवता के धर्म को अपना कर एक सुन्दर समाज का निर्माण करे।
अहमदिया मुस्लिम जमात इंडिया इस अवसर पर खुदा से दुआ करती है कि अल्लाह हमारे प्यारे देश भारत को शांति का गढ़ बनाए रखे और उसे महान उन्नतियाँ प्रदान करे।
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