इस्लामिक शिक्षा

श्री कृष्ण जी महाराज हिन्द के अवतार: इस्लामी शिक्षा के दर्पण में

राजा श्री कृष्ण जी महाराज वास्तव में एक ऐसे पूर्ण व्यक्ति थे जिनका उदाहरण हिंदुओं के किसी ऋषि और अवतार में नहीं पाया जाता। वह अपने समय केअवतार अर्थात नबी थे जिन पर ख़ुदा की ओर से रूहुल क़ुदुस (पवित्र  आत्मा) उतरती थी। वह ख़ुदा की ओर से विजय प्राप्त और भाग्यशाली थे।

अधिक पढ़ें »
ज्ञान के मोती

महिलाओं को गुलामी से मुक्त कराने वाला नबी (सलल्लाहो अलैहे वसल्लम)

पश्चिमी दुनिया नारी स्वतंत्रता की अग्रदूत मानी जाती है। परन्तु क्या इतिहास में कोई ऐसी महान विभूति भी गुज़री है जिसने महिलाओं को उनके अधिकार इस प्रकार दिलाए हों कि वह आज भी सभ्य से सभ्य क़ौम तथा राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक हैं?

अधिक पढ़ें »
इस्लामिक शिक्षा

शहादत हज़रत इमाम हुसैन

हर साल मुहर्रम महीने के पहले दस दिन दुनिया भर के मुसलमान इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में दुःख प्रकट करते है। 1400 साल पहले गुज़री इस घटना में जान देने वालों में अक्सर मुहम्मद (स अ व) के रिश्तेदार थे।

अधिक पढ़ें »
इस्लामिक शिक्षा

विरोध करने वालों के साथ हज़रत मुहम्मद (स. अ. व.) का सद व्यवहार

अतः जब मक्का वालों के मुख से इस बात की पुष्टि हो गई कि रसूले करीम स.अ.व यूसुफ़ के प्रारूप थे तथा यूसुफ़ के समान अल्लाह तआला ने उन्हें अपने भाइयों पर विजय प्रदान की थी उसके बाद नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जो फैसला सुनाया उसका उदाहरण न इतिहास प्रस्तुत कर सकता है न वर्तमान और भविष्य भी ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करने में सदैव अस्मर्थ रहेगा।

अधिक पढ़ें »
इस्लामिक शिक्षा

इस्लाम और देश प्रेम

स्वाधीनता दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों का हार्दिक अभिनंदन। आज से तकरीबन 74 साल पहले जिन स्वाधीनता संग्रामीओं ने हमारे देश को आज़ादी दिलाई थी उनको हज़ारों सलाम।

अधिक पढ़ें »
polygamy
इस्लाम

बहुविवाह – प्रथम भाग

नबी करीम स.अ.व के विवाहों की  बुद्धिमत्ता (हिकमत) प्राच्यवादियों की कुछ आपत्तियों तथा उनके उत्तर JULY 31, 2021 लेख का स्रोत हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बहुत से विवाह राष्ट्रीय व राजनैतिक कारणों से हुए क्योंकि आप स. अ. व. चाहते थे कि अपने विशेष सहाबियों को विवाह के माध्यम से अपने साथ प्रेम के सम्बन्ध में जोड़ लें।प्रिय पाठको! बुद्धि मनुष्य को ईश्वर की ओर से प्रदान किया गया वह उपहार है जिसके द्वारा वह सत्य तथा सीधी राह को प्राप्त कर लेता है। परन्तु कभी कभी साम्प्रदायिक व धार्मिक पक्षपात एवं नकरात्मक प्रवृत्ति मनुष्य की बुद्धि पर

अधिक पढ़ें »
इस्लाम

हज़रत मुहम्मद स.अ.व शांति और सुरक्षा के पैगंबर के रूप में

सैयद एहसान अहमद – मुरब्बी अल-फज़ल इंटरनेशनल, लंदन JULY 08, 2021 وَمَآ اَرْسَلْنٰکَ اِلَّا رَحْمَۃً لِّلْعٰلَمِیْنَ हमारे आक़ा व मौला, रसूलों के सरदार हज़रत अक़दस मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहि व सल्लम को सर्वशक्तिमान खुदा ने दुनिया के लिए साक्षात दया स्वरूप बना कर भेजा था। आप स.अ.व. की दया का दायरा केवल मानवता तक ही सीमित नहीं था, बल्कि जैसा कि अरबी शब्द ‘आलम’ से स्पष्ट है, यह दया व्यापक थी और दया के इस घेरे में सभी प्रकार के जानदार, पशु-पक्षी इत्यादि भी सम्मिलित थे।परन्तु अफसोस कि जो नबी साक्षात दयावान बना कर भेज गया उस के पवित्र अस्तित्व

अधिक पढ़ें »
इस्लाम

हज़रत मुहम्मद स० अ० व० के कथन और इस युग का विज्ञान

मुहम्मद लुक़्मान मजोका – ज्र्मनी JUNE 17, 2021 लेख का स्रोत महामारी से बचाव, कलौंजी, दोपहर का आराम, नींद की कमी, मरीज़ों का हालचाल पूछना तथा अजवा खजूर के बारे में हज़रत मुहम्मद स० अ० व० के मुबारक कथन, उन्नत वैज्ञानिक शोध की रौशनी में। अल्लाह तआला क़ुरआन करीम में आँहज़रत स० अ० व० के बारे में फरमाता है-لَقَدۡ جَآءَکُمۡ رَسُوۡلٌ مِّنۡ اَنۡفُسِکُمۡ عَزِیۡزٌ عَلَیۡہِ مَا عَنِتُّمۡ حَرِیۡصٌ عَلَیۡکُمۡ بِالۡمُؤۡمِنِیۡنَ رَءُوۡفٌ رَّحِیۡمٌ (सूरह तौबा आयत- 128 )यक़ीनन तुम्हारे पास तुम्हीं में से एक रसूल आया है उसे बहुत पीड़ा होती है जो तुम दुःख उठाते हो। तुम्हारे लिए वह यही चाहता

अधिक पढ़ें »
इस्लामिक शिक्षा

अहमदिय्या मुस्लिम जमाअत के संस्थापक हज़रत मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद क़ादियानी अलैहिस्सलाम और मानवता की सेवा

शाह हारुन सैफी JUNE 15, 2021 शब्द “इन्सान” अरबी शब्द “उन्स” का द्विवचन है जिसका अर्थ है “दो मुहब्बतें”। अर्थात जब किसी व्यक्ति में दो मुहब्बतें एक अल्लाह की मुहब्बत और दूसरी उसकी सृष्टि की मुहब्बत इकट्ठी हो जाती है तब वह व्यक्ति वास्तव में इन्सान कहलाता है। इन्सान की उत्पत्ति का उद्देश्य मानवता की सेवा और उसका उद्धार है अपितु केवल अल्लाह की इबादत या भक्ति के लिए फ़रिश्ते ही काफी थे जैसा कि प्रसिद्ध कवि ख़्वाजा मीर दर्द लिखते हैं कि:- दर्द-ए-दिल के वास्ते पैदा किया इन्सान को वरना ताअत के लिए कुछ कम न थे कर्रो बयां       

अधिक पढ़ें »
इस्लामिक शिक्षा

संस्थापक अहमदिय्या मुस्लिम जमाअत के हिन्दू भाइयों के साथ अच्छे सम्बन्ध

नियाज़ अहमद नाइक MAY 30, 2021 प्रिय पाठको ! हज़रत मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद क़ादियानी अलैहिस्सलाम, क़ादियान की बस्ती में पैदा हुए जो विभिन्न धर्मों का आश्रयगृह है। यह बस्ती एक सुन्दर वाटिका की भाँति है जिसमें भिन्न-भिन्न प्रकार के फूल खिल रहे हैं। विभिन्न प्रकार के ये फूल इस वाटिका के सुन्दर और रंगीन होने का कारण हैं।  जैसा कि एक कवि ने कहा है कि: गुलहाय रंगारंग से ज़ीनत चमन की है, ऐ ज़ौक़!  इस चमन को है ज़ैब इख्तिलाफ से। क़ादियान की बस्ती में अमन, शान्ति और धार्मिक सदभाव के इस वातावरण को बनाने में अहमदिय्या मुस्लिम जमाअत

अधिक पढ़ें »