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रमज़ान का महीना

अनसार अली ख़ान APRIL 20, 2021 रमज़ान को नेकियों अथवा पुण्यकर्मों का बसंत कहा गया है, इस महीने में एक मुसलमान अल्लाह की उपासना तथा अन्य पुण्यकर्म ज़्यादा करता है।और अपने ख़ुदा को संतुष्ट करने के लिए रात को उठ-उठ कर उपासना के साथ,पवित्र क़ुरआन की तिलावत करता है, ग़रीबों,यतीमों असहायों की मदद करता है सदक़ा-ख़ैरात अर्थात दान-पुण्य आदि समस्त पुण्यकर्म करता है। कारण साधारण दिनों में की गई नेकियों के मुक़ाबले में इन दिनों की गई नेकियों का अजर (फल) अधिक मिलता है। इस्लाम की पांच बुनियादी स्तंभों में से रोज़ा भी एक स्तंभ है । इस्लामी मान्यताओं के

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इस्लाम

हज़रत मसीह मौऊद अलैहिस्सलाम की सच्चाई पूर्व के बुज़ुर्गों की भविष्यवाणियों की रौशनी में

मामूनुर्रशीद तबरेज़ APRIL 10, 2021 संसार में जब भी कोई मौऊद नबी या रसूल आया है, उसके आने की ख़बरें ख़ुदा तआला उसके आने से पूर्व ही अपने नेक बंदों को दे देता है और यह ख़बरें ख़ुदा तआला के प्रिय ऋषि मुनि आने वाली नसलों के लिए भविष्यवाणियों के रंग में सुरक्षित कर जाते हैं। इन भविष्यवाणियों में मौऊद नबी की आमद का समय भी वर्णन किया होता है और स्थान भी। इसके अतिरिक्त भविष्यवाणियों में वादे वाले युग की निशानीयाऔर विशेषताएं का भी वर्णन किया जाता है। बाइबल में जगह जगह हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम के बारे में भी

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इस्लामिक शिक्षा

अहमदिया मुस्लिम युवा संगठन

अनसार अली ख़ान APRIL 06, 2021 किसी भी राष्ट्र तथा जाति की उन्नति उसके युवाओं की उन्नति तथा उनकी प्रतीभा पर निर्भर करती है । युवा लोग हमारे राष्ट्र तथा जाति की प्रगति और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इन्ही युवाओं के प्रयासों से हमारे राष्ट्र के तेजी से विकास और विकास में मदद मिल सकती है। एक महत्वपूर्ण सर्वे के मुताबिक युवा कुल राष्ट्रीय आबादी का बड़ा हिस्सा हैं। दुनिया की लगभग २५ प्रतिशत आबादी युवा है । जनसंख्या का इतना बड़ा हिस्सा राष्ट्र को विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसे नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता

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इस्लाम

क़ुरआन का मुक़ाबला आज तक कोई नहीं कर सका

कोई व्यक्ति यदि एक कण का हज़ारवां भाग क़ुरआन करीम में से कुछ दोष निकाल सके या इसके मुक़ाबले में अपनी किसी पुस्तक की एक कणभर कोई ऐसी विशेषता सिद्ध कर सके जो क़ुरआनी शिक्षा के विपरीत हो और इससे उत्तम हो तो हम प्राण-दंड भी स्वीकार करने को तैयार हैं। (कथन हज़रत मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद क़ादियानी मसीह मौऊद और महदी माहूद अलैहिस्सलाम) MARCH 22, 2021 समस्त क़ाफिर क़ुरआन करीम के मुक़ाबले पर सरस और सुबोध शैली के दावे तथा कवियों के बादशाह कहलाने के बावजूद मुख बंद किए बैठे रहे, तथा अब भी खामोश और निरुतर बैठे हुए हैं

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इस्लामिक शिक्षा

हम सब भारतीय हैं

अनसार अली ख़ान MARCH 21, 2021 बताऊँ तुम्हें क्या कि क्या चाहता हूँ,हूँ बन्दा मगर मैं ख़ुदा चाहता हूँ ,जो फ़िर से हरा करदे हर ख़ुश्क पौधा,चमन के लिए वो सबा चाहता हूँ । प्रिय पाठको ! हमारा प्यारा भारत वर्ष एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है , ऋषि-मुनि तथा अवतारों ने सदा ही इसे अपने ख़ून से सींचा है , इस संसार में जितने धर्म मौजूद हैं तक़रीबन हर धर्म के धर्माबुलम्बी हमारे देश में पाए जाते हैं, इसे एक तरह से धर्म का गुलदस्ता कहना ग़लत न होगा । प्रिय पाठको ! वास्तव में संसार जिस संकट से गुज़र

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Women

इस्लाम में नारी का महत्व

अनसार अली ख़ान MARCH 16, 2021 आधुनिक समाज में नारी सम्मान तथा नारी सशक्तिकरण के लिए हर तरफ़ से आवाज़ें उठ रही हैं और उठनी चाहिए भी । चाहे वह बाप की जायदाद में हिस्सा के लिए हो, दहेज प्रताड़ना हो या तलाक़ हो । अफसोस कि कुछ भ्रांत धारणाओं के चलते कुछ अविवेकी तथा इस्लाम धर्म की वास्तविक शिक्षा से अनजान लोग इस्लाम जैसा पवित्र और चहुं ओर से सम्पुर्ण धर्म पर यह आरोप लगाते हैं कि इस्लामी शरीयत नारी सम्मान की शिक्षा नहीं देता बल्कि उनके विरुद्ध अन्याय तथा ज़ुल्म की शिक्षा देता है। दोस्तों ! कोई भी

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Women

स्त्री तथा पुरुष के बीच समानता

13 मार्च, 2021 प्रश्न – एक महिला ने इस्लाम में स्त्री और पुरुष के बीच समानता के विषय पर अपनी कुछ उलझनों का वर्णन करके, इस्लाम के विभिन्न आदेशों के बारे में हुज़ूर अनवर (जमाअत अहमदिया के वर्तमान ख़लीफ़ा) से मार्गदर्शन हेतु निवेदन किया। जिस के उत्तर में हुज़ूर अनवर ने अपने पत्र दिनांक 11 अप्रैल 2016 ईस्वी में इन मामलों के बारे में निम्नलिखित उत्तर दिया। उत्तर – हुज़ूर ने फरमाया – आपके पत्र में वर्णित आपकी उलझनें इस्लामी शिक्षाओं तथा मानवीय फितरत (प्रकृति) को न समझने के कारण पैदा हुई हैं। इस्लाम ने यह कहीं दावा नहीं किया

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Women

महिलाओं के ‘मासिक धर्म’ के दौरान उनका मस्जिद में आना?

08 मार्च, 2021 प्रश्न– एक स्त्री ने महिलाओं के ‘मासिक धर्म’ के दौरान उनके मस्जिद में आने के बारे में विभिन्न हदीसों तथा वर्तमान समय में महिलाओं को मासिक धर्म में अपनी सफाई इत्यादि के लिए उपलब्ध आधुनिक सामग्रियों के वर्णन पर आधारित, एक नोट हुज़ूर अनवर की सेवा में प्रस्तुत करके मस्जिद में होने वाली जमाअती मीटिंग्स तथा सभाओं इत्यादि में ऐसी महिलाओं के सम्मिलित होने और ऐसी गैर मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद का विज़िट आदि करवाने के बारे में हुज़ूर अनवर अय्यदहुल्लाह तआला से मार्गदर्शन चाहा। जिस पर हुज़ूर अनवर ने अपने पत्र दिनांक 14 मई 2020 ई

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इस्लामिक शिक्षा

देश-भक्ति एवं देश-प्रेम के सम्बन्‍ध में इस्लामी शिक्षाएं

विश्वव्यापी अहमदिया मुस्लिम जमाअत आज विश्व के 206 देशों में फैल चुकी है और इस्लाम की वास्तविक शिक्षाओं के आधार पर पूरे विश्व में शान्ति, प्रेम, भ्रातृत्व और देश के प्रति वफ़ादारी को बढ़ावा दे रही है। विश्वव्यापी अहमदिया मुस्लिम जमाअत के अगुवा एवं प्रमुख हज़रत मिर्ज़ा मसरूर अहमद साहिब इस सन्देश को पूरे विश्व में फैला रहे हैं। आपके भाषणों में से कुछ उद्धरण इस सम्बन्‍ध में प्रस्तुत हैं।

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समकालीन मुद्दे

विश्व संकट तथा शान्ति पथ

विश्व एक अत्यन्त उपद्रवयुक्त दौर से गुज़र रहा है। विश्व का आर्थिक संकट निरन्तर प्रत्येक सप्ताह नवीन से नवीन तथा कठिनतम ख़तरे प्रकट कर रहा है। द्वितीय ‌विश्व-युद्ध के ठीक पहले की समानताएं निरन्तर प्रकट हो रही हैं त‌था स्पष्ट तौर पर ऐसा दिखाई देता है कि घटनाएं विश्व को विद्युत-गति के साथ एक भयंकर तृतीय विश्व युद्ध की ओर ले जा रही हैं। एक अहसास यह है कि परिस्थितियां बड़ी तीव्रता के साथ काबू से बाहर हो रही हैं तथा जन सामान्य किसी ऐसे व्यक्तित्व की खोज में हैं जो उनका ऐसा सुदृढ़ एवं स्‍थायी मार्ग-दर्शन करे जिस पर

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