लेख

खलीफा की ओर से

दीन को दुनिया पर मुक़द्दम रखो: जलसा सालाना जर्मनी 2026 में महिलाओं को अहमदिया ख़लीफ़ा का संबोधन

प्रत्येक अहमदी पुरुष और महिला की यह ज़िम्मेदारी है कि वे अपने घरों से आरंभ कर शांति और सद्भाव की आधारशिला रखने का प्रयास करें।

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दीन को दुनिया पर मुक़द्दम रखो: जलसा सालाना जर्मनी 2026 में महिलाओं को अहमदिया ख़लीफ़ा का संबोधन

प्रत्येक अहमदी पुरुष और महिला की यह ज़िम्मेदारी है कि वे अपने घरों से आरंभ कर शांति और सद्भाव की आधारशिला रखने का प्रयास करें।

लज्ना इमाईल्लाह बेंगलुरु ने ‘पूर्ण न्याय से शांति’ विषय पर सर्वधर्म शांति सम्मेलन का किया आयोजन

रोमाना सैगल, जनरल सेक्रेटरी, लज्ना इमाईल्लाह, बेंगलुरु अहमदिया मुस्लिम जमाअत के महिला संगठन लज्ना इमाईल्लाह की बेंगलुरु इकाई द्वारा 23 अगस्त 2026 को कैनोपी बैंक्वेट हॉल में “पूर्ण न्याय से शांति” (Peace through Absolute Justice) विषय पर एक भव्य सर्वधर्म शांति सम्मेलन का आयोजन किया गया। जमाअत के मूल सिद्धांत

स्त्री शिक्षा: समाज के सशक्तीकरण और विकास की आधारशिला

आज भी जब आधुनिक दुनिया स्त्री शिक्षा के अधिकार पर बहस कर रही है, इस्लाम ने चौदह सौ साल पहले ज्ञान प्राप्ति को महिलाओं का केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि उनका सामाजिक कर्तव्य बनाकर नारी अधिकारों में एक युगांतरकारी परिवर्तन की नींव रखी थी।

तिरुवनंतपुरम विमेंस कॉलेज में विज्ञान, धर्म और साहित्य के अंतर्संबंधों पर सेमिनार आयोजित

मुज़फ़्फ़र अहमद, अध्यक्ष, अहमदिया मुस्लिम जमाअत, तिरुवनंतपुरम तिरुवनंतपुरम के गवर्नमेंट कॉलेज फॉर विमेन में 25 जून 2026 को “विज्ञान, धर्म और साहित्य के बीच संबंध” (The Relationship Between Science, Religion, and Literature) विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ‘अंडर द ग्रीनवुड ट्री इंग्लिश क्लब’ के तत्वावधान

विभिन्न धर्मों में महिलाएँ: लज्ना इमाईल्लाह भारत द्वारा क़ादियान में सर्वधर्म सम्मेलन का आयोजन

डॉ. मंसूरा अल्लादीन, राष्ट्रीय अध्यक्षा, लज्ना इमाईल्लाह, भारत लज्ना इमाईल्लाह (अहमदिया महिला संगठन) भारत द्वारा 4 अप्रैल 2026 को क़ादियान स्थित जमाअत के राष्ट्रीय मुख्यालय के लज्ना हॉल में “मेरे धर्म में महिलाओं का स्थान” विषय पर एक सर्वधर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न

बेरिंग कॉलेज, बटाला में ‘जलवायु न्याय’ पर सर्वधर्म सेमिनार का आयोजन

नेमतुल्लाह नवाज़, उप-निदेशक, राष्ट्रीय जनसंपर्क विभाग अहमदिया मुस्लिम जमाअत ने 28 मार्च को बेरिंग कॉलेज, बटाला में क्रिश्चियन इंस्टीट्यूट फॉर रिलिजियस स्टडीज़ द्वारा “जलवायु न्याय” विषय पर आयोजित एक सर्वधर्म सेमिनार में भाग लिया। इस सेमिनार में विभिन्न धार्मिक परंपराओं के विद्वान, विशेषज्ञ और धर्मगुरु जलवायु न्याय के ज्वलंत मुद्दे

डेरा बाबा नानक मार्ग पर सिख श्रद्धालुओं के लिए ख़ुद्दामुल अहमदिया ने लगाया सेवा शिविर

शरजील अहमद, अध्यक्ष, मजलिस ख़ुद्दामुल अहमदिया, क़ादियान अहमदिया मुस्लिम जमाअत के युवा संगठन ‘मजलिस ख़ुद्दामुल अहमदिया’ ने 3 मार्च 2026 को मानव सेवा और जमाअत के मूल सिद्धांत “मोहब्बत सब के लिए, नफ़रत किसी से नहीं” के तहत एक विशेष सेवा अभियान का आयोजन किया। यह सेवा शिविर डेरा बाबा

पवित्र रमज़ान: आत्मशुद्धि, संयम और ईश-निकटता का महीना

रमज़ान के बाद भी हमारी नमाज़ में सुधार बना रहे, हमारे चरित्र में नर्मी आए, हमारी वाणी में मिठास हो, हमारे व्यवहार में करुणा हो तो समझिए रमज़ान सफल हुआ।

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस और अहमदिया मुस्लिम समुदाय की विश्व शांति में भूमिका

अहमदिया मुस्लिम समुदाय का संदेश यही है कि असली अमन तभी संभव है जब इंसानियत न्याय, सेवा और आध्यात्मिकता के रास्ते पर चले। इस अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस में हम सब मिलकर वह दुनिया बनाएं जहाँ हर इंसान को यह भरोसा हो कि उसका कल सुरक्षित है।

इस्लाम में जंग का कारण: धर्म का प्रसार या आत्म-रक्षा?

मुसलमानों पर निरन्तर आक्रमण और अत्याचार होने के बावजूद इस्लाम ने जंगो में जो आदेश दिए वर्तमान काल में सभ्य से सभ्य समुदाय भी उसका उदाहरण प्रस्तुत करने में असफ़ल है।

दीन को दुनिया पर मुक़द्दम रखो: जलसा सालाना जर्मनी 2026 में महिलाओं को अहमदिया ख़लीफ़ा का संबोधन

प्रत्येक अहमदी पुरुष और महिला की यह ज़िम्मेदारी है कि वे अपने घरों से आरंभ कर शांति और सद्भाव की आधारशिला रखने का प्रयास करें।

लज्ना इमाईल्लाह बेंगलुरु ने ‘पूर्ण न्याय से शांति’ विषय पर सर्वधर्म शांति सम्मेलन का किया आयोजन

रोमाना सैगल, जनरल सेक्रेटरी, लज्ना इमाईल्लाह, बेंगलुरु अहमदिया मुस्लिम जमाअत के महिला संगठन लज्ना इमाईल्लाह की बेंगलुरु इकाई द्वारा 23 अगस्त 2026 को कैनोपी बैंक्वेट हॉल में “पूर्ण न्याय से शांति” (Peace through Absolute Justice) विषय पर एक भव्य सर्वधर्म शांति सम्मेलन का आयोजन किया गया। जमाअत के मूल सिद्धांत

स्त्री शिक्षा: समाज के सशक्तीकरण और विकास की आधारशिला

आज भी जब आधुनिक दुनिया स्त्री शिक्षा के अधिकार पर बहस कर रही है, इस्लाम ने चौदह सौ साल पहले ज्ञान प्राप्ति को महिलाओं का केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि उनका सामाजिक कर्तव्य बनाकर नारी अधिकारों में एक युगांतरकारी परिवर्तन की नींव रखी थी।

तिरुवनंतपुरम विमेंस कॉलेज में विज्ञान, धर्म और साहित्य के अंतर्संबंधों पर सेमिनार आयोजित

मुज़फ़्फ़र अहमद, अध्यक्ष, अहमदिया मुस्लिम जमाअत, तिरुवनंतपुरम तिरुवनंतपुरम के गवर्नमेंट कॉलेज फॉर विमेन में 25 जून 2026 को “विज्ञान, धर्म और साहित्य के बीच संबंध” (The Relationship Between Science, Religion, and Literature) विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ‘अंडर द ग्रीनवुड ट्री इंग्लिश क्लब’ के तत्वावधान

विभिन्न धर्मों में महिलाएँ: लज्ना इमाईल्लाह भारत द्वारा क़ादियान में सर्वधर्म सम्मेलन का आयोजन

डॉ. मंसूरा अल्लादीन, राष्ट्रीय अध्यक्षा, लज्ना इमाईल्लाह, भारत लज्ना इमाईल्लाह (अहमदिया महिला संगठन) भारत द्वारा 4 अप्रैल 2026 को क़ादियान स्थित जमाअत के राष्ट्रीय मुख्यालय के लज्ना हॉल में “मेरे धर्म में महिलाओं का स्थान” विषय पर एक सर्वधर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न

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नेमतुल्लाह नवाज़, उप-निदेशक, राष्ट्रीय जनसंपर्क विभाग अहमदिया मुस्लिम जमाअत ने 28 मार्च को बेरिंग कॉलेज, बटाला में क्रिश्चियन इंस्टीट्यूट फॉर रिलिजियस स्टडीज़ द्वारा “जलवायु न्याय” विषय पर आयोजित एक सर्वधर्म सेमिनार में भाग लिया। इस सेमिनार में विभिन्न धार्मिक परंपराओं के विद्वान, विशेषज्ञ और धर्मगुरु जलवायु न्याय के ज्वलंत मुद्दे

डेरा बाबा नानक मार्ग पर सिख श्रद्धालुओं के लिए ख़ुद्दामुल अहमदिया ने लगाया सेवा शिविर

शरजील अहमद, अध्यक्ष, मजलिस ख़ुद्दामुल अहमदिया, क़ादियान अहमदिया मुस्लिम जमाअत के युवा संगठन ‘मजलिस ख़ुद्दामुल अहमदिया’ ने 3 मार्च 2026 को मानव सेवा और जमाअत के मूल सिद्धांत “मोहब्बत सब के लिए, नफ़रत किसी से नहीं” के तहत एक विशेष सेवा अभियान का आयोजन किया। यह सेवा शिविर डेरा बाबा

पवित्र रमज़ान: आत्मशुद्धि, संयम और ईश-निकटता का महीना

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अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस और अहमदिया मुस्लिम समुदाय की विश्व शांति में भूमिका

अहमदिया मुस्लिम समुदाय का संदेश यही है कि असली अमन तभी संभव है जब इंसानियत न्याय, सेवा और आध्यात्मिकता के रास्ते पर चले। इस अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस में हम सब मिलकर वह दुनिया बनाएं जहाँ हर इंसान को यह भरोसा हो कि उसका कल सुरक्षित है।

इस्लाम में जंग का कारण: धर्म का प्रसार या आत्म-रक्षा?

मुसलमानों पर निरन्तर आक्रमण और अत्याचार होने के बावजूद इस्लाम ने जंगो में जो आदेश दिए वर्तमान काल में सभ्य से सभ्य समुदाय भी उसका उदाहरण प्रस्तुत करने में असफ़ल है।