

पीस सिंपोज़ियम अहमदिया मुस्लिम जमाअत का एक प्रमुख आयोजन है, जिसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों को एकत्र कर आधुनिक बहुलवादी समाज में शांति स्थापना पर विचार-विमर्श करना है।
संसार अत्यन्त अशान्तिपूर्ण परिस्थितियों में से गुज़र रहा है। वश्विैक आर्थिक संकट प्रति सप्ताह निरन्तर नवीनतम और गम्भीर विपत्तियां उत्पन्न करता जा रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध से पूर्व की परिस्थितियों में समानता का निरन्तर वर्णन किया जा रहा है और स्पष्ट रूप से प्रतीत होता है कि वर्तमान घटनाएं विश्व को एक अत्यन्त तीव्र गति से एक भयंकर तृतीय विश्व युद्ध की ओर ले जा रही हैं।
इस पुस्तक में, जो विश्वव्यापी अहमदिया मुस्लिम जमाअत के पंचम ख़लीफ़ा हज़रत मिर्ज़ा मसरूर अहमद (अय्यदहुल्लाहु) के पत्रों एवं भाषणों का संकलन है, दुनिया को तेज़ी से बढ़ रहे खतरों की चेतावनी देते हैं और इसे टाल कर शांति स्थापित करने का तरीका बताते हैं।
अहमदियत इस्लाम में एक नवीन तहरीक है जो कि शांति, प्रेम, न्याय और मानवीय जीवन की बहबूदी के बारे में उन महत्वपूर्ण इस्लामी शिक्षाओं पर ज़ोर देती है जो कि 1889 ई० में हज़रत मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद साहब मसीह मौऊद अलैहिस्सलाम ने ख़ुदा के मार्गदर्शन के अनुसार कीं थीं।
अहमदिया मुस्लिम जमाअत सार्वजनिक कल्याण के कार्यों में बढ़-चढ़ कर भाग लेती है। “प्रेम सबके लिए और घृणा किसी से नहीं” जैसी शिक्षा से भरी हुई बिना किसी भेद-भाव के हर ज़रूरतमंद को सहायता देती है। आज जमाअत एक ख़ुदाई मार्गदर्शक के अनुसरण में है जोकि हज़रत मिर्ज़ा मसरूर अहमद अय्यदहुल्लाहु तआला बिनस्रिहिल अज़ीज़ हैं।