लेख

इस्लाम और देश प्रेम
स्वाधीनता दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों का हार्दिक अभिनंदन। आज से तकरीबन 74 साल पहले जिन स्वाधीनता संग्रामीओं ने हमारे देश को आज़ादी दिलाई थी उनको हज़ारों सलाम।

बहुविवाह – प्रथम भाग
नबी करीम स.अ.व के विवाहों की बुद्धिमत्ता (हिकमत) प्राच्यवादियों की कुछ आपत्तियों तथा उनके उत्तर JULY 31, 2021 लेख का स्रोत हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बहुत से विवाह राष्ट्रीय व राजनैतिक कारणों से हुए क्योंकि आप स. अ. व. चाहते थे कि अपने विशेष सहाबियों को विवाह के

हज़रत मुहम्मद स.अ.व शांति और सुरक्षा के पैगंबर के रूप में
सैयद एहसान अहमद – मुरब्बी अल-फज़ल इंटरनेशनल, लंदन JULY 08, 2021 وَمَآ اَرْسَلْنٰکَ اِلَّا رَحْمَۃً لِّلْعٰلَمِیْنَ हमारे आक़ा व मौला, रसूलों के सरदार हज़रत अक़दस मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहि व सल्लम को सर्वशक्तिमान खुदा ने दुनिया के लिए साक्षात दया स्वरूप बना कर भेजा था। आप स.अ.व. की दया का

हज़रत मुहम्मद स० अ० व० के कथन और इस युग का विज्ञान
मुहम्मद लुक़्मान मजोका – ज्र्मनी JUNE 17, 2021 लेख का स्रोत महामारी से बचाव, कलौंजी, दोपहर का आराम, नींद की कमी, मरीज़ों का हालचाल पूछना तथा अजवा खजूर के बारे में हज़रत मुहम्मद स० अ० व० के मुबारक कथन, उन्नत वैज्ञानिक शोध की रौशनी में। अल्लाह तआला क़ुरआन करीम में आँहज़रत

अहमदिय्या मुस्लिम जमाअत के संस्थापक हज़रत मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद क़ादियानी अलैहिस्सलाम और मानवता की सेवा
शाह हारुन सैफी JUNE 15, 2021 शब्द “इन्सान” अरबी शब्द “उन्स” का द्विवचन है जिसका अर्थ है “दो मुहब्बतें”। अर्थात जब किसी व्यक्ति में दो मुहब्बतें एक अल्लाह की मुहब्बत और दूसरी उसकी सृष्टि की मुहब्बत इकट्ठी हो जाती है तब वह व्यक्ति वास्तव में इन्सान कहलाता है। इन्सान की

संस्थापक अहमदिय्या मुस्लिम जमाअत के हिन्दू भाइयों के साथ अच्छे सम्बन्ध
नियाज़ अहमद नाइक MAY 30, 2021 प्रिय पाठको ! हज़रत मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद क़ादियानी अलैहिस्सलाम, क़ादियान की बस्ती में पैदा हुए जो विभिन्न धर्मों का आश्रयगृह है। यह बस्ती एक सुन्दर वाटिका की भाँति है जिसमें भिन्न-भिन्न प्रकार के फूल खिल रहे हैं। विभिन्न प्रकार के ये फूल इस वाटिका

ख़िलाफ़ते अहमदिया एक वरदान
अनसार अली ख़ान MAY 27, 2021 दोस्तों ! अल्लाह ताला पवित्र क़ुरआन में वर्णन करता है :- तुम में से जो लोग ईमान लाए और पुण्य कर्म किए हैं उनसे अल्लाह ने पक्का वादा किया है कि उन्हें अवश्य धरती में खलीफा बनाएगा । जैसा कि उसने उनसे पहले लोगों

रोज़मर्रा के मस्ले-मसाइल और उनका हल
प्राथमिक इस्लामिक मुद्दों के बारे में हज़रत अमीरुल मोमिनीन ख़लीफ़तुल मसीह पंचम (अ ब अ) के मार्गदर्शन जो विभिन्न अवसरों पर आपने लिखित पत्रों तथा M T A के प्रोग्रामों में दिए हैं सभी के लाभार्थ आधिकारिक रूप से प्रकाशित किये जा रहे हैं।

काफ़िर कौन
शाह हारून सैफी “काफ़िर” शब्द सुनते ही कुछ लोगो के ह्रदय में इस्लाम धर्म के बारे में विचित्र प्रकार की धारणाएँ आने लगती हैं। काफ़िर कौन है? क्या इस्लाम धर्म अपने प्रभुत्व के लिए काफ़िरों के साथ भेदभाव का आदेश देता है? क्या इस्लाम समस्त काफ़िरों का वध करने का

क़ादियान में विद्युत रेल इंजन का आगमन विकास की एक नई प्रगति
क़ादियान में 25 मार्च को पहली बार बिजली का इंजन पहुंचा। बटाला से क़ादियान के मध्य बिजली लाइन के कार्य के पूर्ण होने के बाद इस रेल लाइन पर बिजली के इंजन का सफ़ल ट्रायल किया गया।

दीन को दुनिया पर मुक़द्दम रखो: जलसा सालाना जर्मनी 2026 में महिलाओं को अहमदिया ख़लीफ़ा का संबोधन
प्रत्येक अहमदी पुरुष और महिला की यह ज़िम्मेदारी है कि वे अपने घरों से आरंभ कर शांति और सद्भाव की आधारशिला रखने का प्रयास करें।

लज्ना इमाईल्लाह बेंगलुरु ने ‘पूर्ण न्याय से शांति’ विषय पर सर्वधर्म शांति सम्मेलन का किया आयोजन
रोमाना सैगल, जनरल सेक्रेटरी, लज्ना इमाईल्लाह, बेंगलुरु अहमदिया मुस्लिम जमाअत के महिला संगठन लज्ना इमाईल्लाह की बेंगलुरु इकाई द्वारा 23 अगस्त 2026 को कैनोपी बैंक्वेट हॉल में “पूर्ण न्याय से शांति” (Peace through Absolute Justice) विषय पर एक भव्य सर्वधर्म शांति सम्मेलन का आयोजन किया गया। जमाअत के मूल सिद्धांत

स्त्री शिक्षा: समाज के सशक्तीकरण और विकास की आधारशिला
आज भी जब आधुनिक दुनिया स्त्री शिक्षा के अधिकार पर बहस कर रही है, इस्लाम ने चौदह सौ साल पहले ज्ञान प्राप्ति को महिलाओं का केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि उनका सामाजिक कर्तव्य बनाकर नारी अधिकारों में एक युगांतरकारी परिवर्तन की नींव रखी थी।

तिरुवनंतपुरम विमेंस कॉलेज में विज्ञान, धर्म और साहित्य के अंतर्संबंधों पर सेमिनार आयोजित
मुज़फ़्फ़र अहमद, अध्यक्ष, अहमदिया मुस्लिम जमाअत, तिरुवनंतपुरम तिरुवनंतपुरम के गवर्नमेंट कॉलेज फॉर विमेन में 25 जून 2026 को “विज्ञान, धर्म और साहित्य के बीच संबंध” (The Relationship Between Science, Religion, and Literature) विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ‘अंडर द ग्रीनवुड ट्री इंग्लिश क्लब’ के तत्वावधान

विभिन्न धर्मों में महिलाएँ: लज्ना इमाईल्लाह भारत द्वारा क़ादियान में सर्वधर्म सम्मेलन का आयोजन
डॉ. मंसूरा अल्लादीन, राष्ट्रीय अध्यक्षा, लज्ना इमाईल्लाह, भारत लज्ना इमाईल्लाह (अहमदिया महिला संगठन) भारत द्वारा 4 अप्रैल 2026 को क़ादियान स्थित जमाअत के राष्ट्रीय मुख्यालय के लज्ना हॉल में “मेरे धर्म में महिलाओं का स्थान” विषय पर एक सर्वधर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न

बेरिंग कॉलेज, बटाला में ‘जलवायु न्याय’ पर सर्वधर्म सेमिनार का आयोजन
नेमतुल्लाह नवाज़, उप-निदेशक, राष्ट्रीय जनसंपर्क विभाग अहमदिया मुस्लिम जमाअत ने 28 मार्च को बेरिंग कॉलेज, बटाला में क्रिश्चियन इंस्टीट्यूट फॉर रिलिजियस स्टडीज़ द्वारा “जलवायु न्याय” विषय पर आयोजित एक सर्वधर्म सेमिनार में भाग लिया। इस सेमिनार में विभिन्न धार्मिक परंपराओं के विद्वान, विशेषज्ञ और धर्मगुरु जलवायु न्याय के ज्वलंत मुद्दे

डेरा बाबा नानक मार्ग पर सिख श्रद्धालुओं के लिए ख़ुद्दामुल अहमदिया ने लगाया सेवा शिविर
शरजील अहमद, अध्यक्ष, मजलिस ख़ुद्दामुल अहमदिया, क़ादियान अहमदिया मुस्लिम जमाअत के युवा संगठन ‘मजलिस ख़ुद्दामुल अहमदिया’ ने 3 मार्च 2026 को मानव सेवा और जमाअत के मूल सिद्धांत “मोहब्बत सब के लिए, नफ़रत किसी से नहीं” के तहत एक विशेष सेवा अभियान का आयोजन किया। यह सेवा शिविर डेरा बाबा

पवित्र रमज़ान: आत्मशुद्धि, संयम और ईश-निकटता का महीना
रमज़ान के बाद भी हमारी नमाज़ में सुधार बना रहे, हमारे चरित्र में नर्मी आए, हमारी वाणी में मिठास हो, हमारे व्यवहार में करुणा हो तो समझिए रमज़ान सफल हुआ।

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस और अहमदिया मुस्लिम समुदाय की विश्व शांति में भूमिका
अहमदिया मुस्लिम समुदाय का संदेश यही है कि असली अमन तभी संभव है जब इंसानियत न्याय, सेवा और आध्यात्मिकता के रास्ते पर चले। इस अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस में हम सब मिलकर वह दुनिया बनाएं जहाँ हर इंसान को यह भरोसा हो कि उसका कल सुरक्षित है।

इस्लाम में जंग का कारण: धर्म का प्रसार या आत्म-रक्षा?
मुसलमानों पर निरन्तर आक्रमण और अत्याचार होने के बावजूद इस्लाम ने जंगो में जो आदेश दिए वर्तमान काल में सभ्य से सभ्य समुदाय भी उसका उदाहरण प्रस्तुत करने में असफ़ल है।


